दुनियाभर के देशों में कोरोना के कारण लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। इसलिए प्रदर्शनों में अब कारोबार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को खोलने की मांग होने लगी है। जिन देशों में प्रतिबंध जारी हैं, वहां पर हटाने की मांग की जा रही है। कुछ देशों में प्रतिबंध हटा लिए गए हैं, इसके बाद सरकार से मदद की गुहार लगाई जा रही है।

ऐसा ही एक प्रदर्शन जर्मनी की संसद के बाहर हुआ। देश की ट्रेवल एजेंसियों और पर्यटन उद्योगों से जुड़े कारोबारी यहां पर जमा हुए और सरकार से राहत की मांग की। ब्रैंडनबर्ग गेट के सामने भी बड़ी संख्या में टूर संचालक खाली बसें लेकर पहुंचे थे। दरअसल जर्मनी में कोरोना के कारण सीमाएं सील कर दी गई हैं। इसलिए पर्यटकों का आना भी बंद है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पर्यटन स्थल और वर्कप्लेस खोलने की मांग की। ऐसे ही प्रदर्शन अमेरिका के न्यूजर्सी-कैलिफोर्निया, ग्रीस के एथेंस और फ्रांस के पेरिस में भी हुए। इन सभी प्रदर्शनों में खास बात यह रही कि कहीं भी हिंसा और तोड़-फोड़ नहीं की गई, शांति के साथ अपना संदेश दिया।

न्यूयॉर्क: टाइम्स स्क्वेयर पर बिलबोर्ड की लाइटें बंद

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर पर हैशटेगडोंटगो डार्क अभियान के तहत बिलबोर्ड की लाइटें बंद रखी गईं। रेस्तरां, होटल और शोरूम संचालकों ने छूट देने की मांग की।

एथेंस: संसद के बाहर संगीत बजाकर प्रदर्शन
ग्रीस में संसद के सामने संगीत बजाकर सरकार को कारोबार और कला जगत को हुए नुकसान पर ध्यान देने की गुहार लगाई। पूरे देश में इस तरह के प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

पेरिस:शेफ की टोपी, एप्रन, और ट्रे रखकर मांगी छूट
पेरिस में सीन नदी के किनारे शेफ की टोपी, एप्रन और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाली ट्रे रखकर नाराजगी जताई गई। होटल कारोबारियों ने कारोबार शुरू करने की मंजूरी मांगी।



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ग्रीस में संसद के सामने संगीत बजाकर सरकार को कारोबार और कला जगत को हुए नुकसान पर ध्यान देने की गुहार लगाई।


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