टूरिज्म शुरू लेकिन अभी तक सिर्फ 7% होटलों की बुकिंग हुई, 4000 में से महज 160 होटल्स को खोलने की परमिशन मिली

भारत सरकार ने 8 जून को टूरिज्म को हरी झंडी दे दी। इसके बादगोवा सरकार ने भी 2 जुलाई कोपर्यटकों के लिए अपने दरवाजेखोल दिए लेकिन एक शर्त के साथ। गोवा सरकार ने नियम बनाया है कि पर्यटकों के पास या तो 48 घंटे पहले करवाया गया कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट हो या फिर गोवा की सीमा मेंआकर 2,000 रुपएमेंअपना कोरोना टेस्ट करवाएं। निगेटिव पाए जााने पर हीगोवा में रहने की इजाजत मिलेगी। 2जुलाई से लेकर अभी तक 7 फीसदी होटलों की बुकिंग हुई है।

यहां टूरिस्टों का आना शुरू हो गया है। वे निजी वाहन या प्राइवेट जेट से आ रहे हैं।हालांकि जब तक ट्रेन और पूरी तरह से फ्लाइट्स नहीं चलती हैं तब तक आम पर्यटक यहां नहीं पहुंच सकेंगे।ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी ) के अध्यक्ष निलेश शाह बताते हैं कि गोवा के लिए पूरे देश से हर दिन आने वाली 80 फ्लाइट्स में से अभी सिर्फ 5 ही आ रही हैं जबकि ट्रेन और बसें पूरी तरह से बंद हैं। शाह के मुताबिक पहले लॉकडाउन के बाद लगभग 8-9 प्राइवेट जेट से वे लोग गोवा आए हैं जिनका यहां अपना सेकंड होम है।

तस्वीर बागा बीच की है, जहां मछुआरा मछली पकड़ने की कोशिश कर रहा है। फोटो- ताराचंद गवारिया

80 हजार प्रवासी जा चुके हैं अपने घर

गोवा से लगभग 80 हजारप्रवासी अपने घर वापस जा चुके हैं।माइनिंग यहां सबसे बड़ा बिज़नेस हुआ करती थी, लेकिन उसके बंद होने के बाद टूरिज्म और फार्मा यहां की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है।सफेद रेत और नीले पानी के समुद्र वाले गोवा को रोम ऑफ दि ईस्ट कहा जाता है। ट्रेन, सड़क और फ्लाइट के जरिये गोवा की कनेक्टिविटी यहां टूरिज़्म के लिए दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करती है।

साल 2008 में 20.2 लाख डोमेस्टिक और 3.5 लाख विदेशी टूरिस्ट यहां आए। वहीं2017 में डोमेस्टिक बढ़कर 68.9 और विदेशी 8.9 लाख हो गए। कलिंगुट से कांग्रेस के पूर्व एमएलए अजनेलो फर्नांडिस बताते हैं कि यह आंकड़ा 13 से 15 फीसदी की दर से हर साल बढ़ा है। वर्ष 2018 में कुल टूरिस्ट 88 लाख थे। एक साल में औसतन 800 से 900 चार्टड फ्लाइट रहती हैं।हालांकि, गोवा में पर्यटन खुलने के बाद भी कोरोना संक्रमण की वजह से 48 बीच सूने पड़े हैं।गांव पंचायतों ने होटल मालिकों से पर्यटकों के लिए होटल खोलने से मना कर दिया है।

अभी तक सिर्फ 7 फीसदी ही बुकिंग

यहां के अंजुना, कलिंगुट और कैंडोलिम बीच ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा भीड़ होती थी।लेकिन, अभीयहां सन्नाटा पसरा हुआ है, समूद्र की लहरों के सिवा कुछ नहीं है।ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जैक अजीत सुखीजा बताते हैं कि दो जुलाई से लेकर अभी तक सिर्फ 7 फीसदी होटलों की बुकिंग हुई है।गोवा में कुल 4,000 होटल हैं, जिनमें से 250 होटल वालोंने कोरोना महामारी के बाद होटल खोलने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक सिर्फ 160 को परमिशन दी गई है।

गोवा में लगभग 10 हजार बाइक व टैक्सी हैं। कोरोना की वजह से पर्यटक नहीं आ रहे हैं। इस कारण इनका बाजार ठप है।फोटो- ताराचंद गवारिया

गोवा में बार, रेस्तरां, कैसिनो और बाज़ार पूरी तरह से बंद है। पणजी को छोड़ दें तो कैलेंगुट, कैंडोलीम, अंजुना, पालोलिम, कोलवा, अगोडा सब बंद हैं, केवल रिटेल और शराब की कुछ दुकानें खुलीहैं। जैक का कहना है कि रेस्तरां इसलिए नहीं खुल रहे हैं कि लोकल लोग तो वहां जाते नहीं हैं और टूरिस्ट है नहीं। टैक्सी ड्राइवर एसोसिएशन से वासु तिवारी बताते हैं कि गोवा में लगभग 10,000 टैक्सी हैं। अभी सभीपूरी तरह से बंद है।

15 जुलाई तक गोवा में कुल कोविड पॉज़िटिव 2951 थे। अभी तक यहां 18 मौतें हो चुकी हैं। गोवा में वास्को डी गामा कोरोना का मुख्य हॉटस्पॉट है। उसकी एक बड़ी वजह वास्को का जनसंख्या घनत्व अधिक होना है। यह टैक्सी ड्राइवर का गढ़ भी माना जाता है।

क्रूज़ से आने वाले लोग वास्को ही उतरते हैं इसलिए यहां से वे टैक्सी लेकर गोवा के अन्य हिस्सों में जाते हैं। वास्को और आसपास के इलाकों में फिलहाल 562 पॉज़िटिव मरीज हैं। एक जून से पहले गोवा पूरी तरह से ग्रीन ज़ोन में था लेकिन उसके बाद एक ड्राइवर के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पणजी की बात करें तो वहां फिलहाल कोरोना के 6 केस हैं।

तस्वीर बागा बीच की है।बागा बीच अपने डिजाइनर स्टोर्स के आलावा अपने स्ट्रीट साइड बाजारों के लिए भी प्रसिद्ध है।फोटो- ताराचंद गवारिया

गोवा के बिगड़ते हालात देखते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने फिर से गोवा में दस दिन के लिए रात में जनता कर्फ्यूऔर तीन दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है।जैक अजीत सुखीजा के मुताबिक 2,000 रुपएकोरोना टेस्ट पर खर्च करके कोईयहां नहीं आएगा।

शराब की दुकानों पर भी ग्राहक नहीं

गोवा में खुली हुई वाइन शॉप्स के मालिक भी अकेले बैठे हैं। आर्यन वाइंस के योगेंद्र बताते हैं कि वह एक दिन में 500 से 700 बोतल शराब बेच लिया करते थे। लेकिन, अब तो हालात ऐसे हैं कि किसी-किसी दिन बोहनी भी नहीं हो रही। बीयर कंपनियों ने बीयर स्टॉक को स्कीम के साथ बेचना शुरू कर दिया है। योगेंद्र दिल्ली के रहने वाले हैं और 70,000 दुकान का किराया देते हैं। इनका कहना है कि एक हफ्ते के बाद वह दुकान बंद करके वापिस दिल्ली जा रहे हैं।

कुछ लोगों को यहां टूरिज्म बूम की उम्मीद

हालांकि, इन सब के बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बहुत सकारात्मक सोच रहे हैं। उनका मानना है कि कोरोना की वजह से आर्थिक तकलीफें उत्पन्न हुईं हैं। इसलिएउन्हेंउम्मीद है कि छुट्टियोंमें सिंगापुर, बाली, मलेशिया, बैंकॉक और यूरोप जाने वाले लोग अब गोवा ही आएंगे। गोवा उन्हें सस्ता भी पड़ेगा और यहां कोरोना का खतरा भी विदेशों से कम है। यहां कुछ लोग टूरिज़्म में आने वाले बूम की तैयारी कर रहे हैं।

तस्वीर कैंडोलिम बीच की है, जहां टूरिस्ट मानसून का आनंद उठा रहे हैं। यहां सबसे ज्यादा सैलानी आते हैं।फोटो- ताराचंद गवारिया

40 ट्रैवल बसों के मालिक दामोदर महादेव बताते हैं कि सरकारी की कुछ नीतियां गलत हैं। सरकार रोड टैक्स ले रही है जबकि मार्च से बसें बंद हैं।इतना ही नहीं लेट जमा करने पर 25 फीसदी फाइन भी रख दिया है। इंश्योरेंस फीस भी वसूली जा रही है जबकि बिज़नेस ज़ीरो है।

दामोदर के लगभग 14 लाख रुपएहोटल वालों के पास फंसे हुए हैं। उनके पास 16 ड्राइवर 12,000 रुपएपरमानेंट सैलरी पर काम करते थे, जिनमें से अब सिर्फ चार को रखा है। बाकी बसों के लिए वह कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंस बुकिंग और वेडिंग सीज़न के अनुसार कॉन्ट्रेक्ट पर ड्राइवर ले लिया करते थे। कभी कभार बसें किराए पर भी दे देते थे।

वह बताते हैं ‘चार ड्राइवर इसलिए रखे हैं क्योंकि मैं जानता हूं कि गोवा एक बार खुला तो ऐसा खुलेगा कि हमारे पास बात करने की फुर्सत नहीं होगी।’

कोरोनाकाल में हायर विला बिजनेस में मुनाफा

गोवा में कोरोना की महामारी ने एक और बिज़नेस मॉडल डेवलप किया है। हायर विला के मैनेजर सिधांशु पाटिल बताते हैं कि देश में लगभग सभी आईटी कंपनियां वर्क फ्रॉम होम कर चुकी हैं। मुंबई, कर्नाटक और हैदराबाद की बड़ी आईटी कंपनियों के जो लोग लगभग 50,000 किराया देकर सिर्फ नौकरी की वजह से इन शहरों में रह रहे थे। वेकाम करने के लिए गोवा में किराए का घर ले रहे हैं।

पाटिल के अनुसार अभी तक वह 150 ऐसे विला किराए पर दे चुके हैं जिसका मासिक किराया डेढ़ से दो लाख रुपएहै। आईटी प्रोफेनल्स, कंपनियों की सीईयो, एमडी आदी ने अपने छोटे से स्टाफ के साथ यह विला किराए पर लिए हैं। हायर विला का बिज़नेस कोरोना में भी मुनाफा दे रहा है। सिधांशु के मुताबिकमेट्रो सिटी में रहने वाले बहुत सारे लोगों के यहां विला है। वह भी उसकी मेंटेनेंस करवा रहे हैं।

कैंडोलिमबीच को गोवा की सबसे लंबे बीचों में गिना जाता है। यहां लाखों की संख्या में सैलानी आते थे लेकिन अभी कोरोना की वजह से लोग कम आ रहे हैं।फोटो- ताराचंद गवारिया

जिंजर ट्री होटल के मैनेजर हरीश नेहलानी बताते हैं कि गाइडलाइंस के साथ हमने होटल खोल तो दिया है, लेकिन दिक्कत आ रही है। टूरिस्ट नहीं है। कुछ वर्क फ्रॉम होम वालों की क्वेरी आई थी, लेकिन चार-पांच लोगों के लिए होटल-रेस्तरां जैसी सुविधाएं शुरू नहीं की जा सकती।

हरीश नेहलानी के अनुसार पर्यटन के अलावा गोवा वेडिंग डेस्टिनेशन और कॉरपोरेट कॉन्फ्रेंस के लिए भी बहुत पसंदीदा जगह है। इसलिए नुकसान सिर्फ गोवा का ही नहीं बल्कि देश-विदेश के तमाम टूर और ट्रैवल बिज़नेस से जुड़े लोगों का हुआ है।

सरकार को पहल करनी चाहिए

ट्रैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी )के अध्यक्ष निलेश शाह तो सरकार से बेहद खफा हैं। वह अपनी इंडस्ट्री की ओर से रोज़ाना सरकार से मिल रहे हैं। उनका कहना है किहोटल इंडस्ट्री अपने ग्राहकों के लिए पूरी तरह से सेफ है।होटल इंडस्ट्री ने सौ फीसदी सेफ्टी के प्रबंध किए हैं।टूरिज्म को बढ़ाना सरकार की ज़िम्मेदारी है। जनता को भरोसा दिलाना चाहिए किगोवा पर्यटकों के लिए पूरी तरह सेफ है।

शाह सरकारी नीतियों में बहुत घालमेल की बात करते हैं। वह कहते हैं कि गोवा बॉर्डर पर कोरोना टेस्ट हो रहा है लेकिन लोगों को रिपोर्ट नहीं मिल रही है। सरकार को चाहिए कि टेस्ट का रेट कुछ कम करके बॉर्डर पर ही टेस्ट करवाए और आधे घंटे के अंदर रिपोर्ट दे दी जाए। क्योंकि डर के साए में पर्यटन का बिज़नेस नहीं हो सकता है।

इसके अलावा टीटीएजी की मांग है कि सरकार बिजलीबिल फिक्स करे, कुछ टैक्स वापस ले। जैसे अभी भी सरकार गार्बेज टैक्स, पंचायत टैक्स, शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट टैक्स वसूल रही है।

तस्वीर कैंडोलिमबीच की है। यह पणजी से12 किमी की दूरी पर उत्तरी गोवा में है।फोटो- ताराचंद गवारिया

गोवा में रोजाना 2000 टेस्ट किए जा रहे हैं

कोरोना के मामले में गोवा के स्टेट सर्विलांसऑफिसर डॉ.उत्कर्ष बेटोडकर ने दैनिकभास्कर को बताया किस्थिति पर काबू पाने के लिए हमने यहां छोटे-छोटे माइक्रो कंटेनमेंटज़ोन बना रहे हैं। अभी तक दो बड़े कंटेनमेंटज़ोन हैं-वास्को और वेरना। येइलाके पूरी तरह से सील कर दिए गए हैं। यहां न कोई जा सकता है और न यहां से कोई बाहर आ सकता है।

डॉ. बेटोडकर का कहना है कि शुरू में कोरोना किससे फैला अब यह मायने नहीं रखता है, क्योंकि अब तेजीसे स्थानीय लोग भी इसकेचपेट में आ रहे हैं। सरकार ने फिलहाल कोविड केयर सेंटर की संख्या पांच से बढ़ाकर 11 कर दी है, जिसे और बढ़ाया जा रहा है। लगभग 20 लाख आबादी वाले गोवा में रोज़ाना 2000 टेस्ट किए जा रहे हैं।

गोवा चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष मनोज कोकूलो बताते हैं कि जब सरकार को कंटेनमेंटज़ोन बनाने चाहिए थे, तब बनाए नहीं, अब फिरसे तीन दिन का लॉकडाउन कर दिया है। जबकि इससे बढ़ रहे केसों में कोई फायदा नहीं होने वाला है। वह कहते हैं कि लोगों की छोड़िए सरकार की आर्थिक हालत बद से बदतर हो रही है।

सरकार को मुनाफा वैट और जीएसटी से होता था,लेकिन पहली तिमाही में सिर्फ 40 फीसदी वैट ही आया है। क्योंकि गोवा में शराब सस्ती मिलती है, लेकिन इस समय टूरिस्ट नहीं आ रहे।

गोवा में टूरिस्टों का आना शुरू हो गया है, लोग निजी वाहनों से या प्राइवेट जेट से यहां आ रहे हैं लेकिन आम लोगों का पहुंचना अभी नहीं हो पा रहा है।फोटो- ताराचंद गवारिया

मनोज काकूलो के मुताबिक, गोवाकी आधे से ज्यादा आबादी टूरिज़्म पर निर्भर है। माइनिंग बंद होने के बाद टूरिज्म ही यहां का मुख्य बिज़नेस है। इसके अलावा यहां फार्मा कंपनियां हैं। फार्मा में काम जारी है और उसमें ग्रोथ भी है। लेकिन टूरिज्म से जुड़े तमाम लोगों का घर चलना मुश्किल हो रहा है।

मनोज काकूलोबताते हैं कि गोवा एक ऐसी जगह है, जहां आकर लगता है कि आप भारत में नहीं हैं। यहां केबीच किसी विदेशी ज़मीन पर होने का एहसास करवातेहैं। गोवा सरकार और केंद्र सरकार टूरिज़्म पॉलिसी को थोड़ा बेहतर करेंतो गोवा ऐसा बिज़नेस करेगा जो उसने इससे पहले कभी नहीं किया होगा।



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गोवा सरकार ने 2 जुलाई से पर्यटन को खोलने की छूट दे दी, लेकिन अभी तक सिर्फ 7 फीसदी होटलों की ही बुकिंग हुई है।


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