कोरोना काल भी कम नहीं कर पाया तीज की रौनक, पटियाला में लोगों ने मेले के बजाए घरों में ही मनाया त्योहार

फोटो हरियाणा के रोहतक की है। यहां तीज के अवसर पर शहर व देहात में कई जगह कार्यक्रमहुए। कोरोना की वजह से अधिकतर लोगों ने घरों पर ही पर्व सेलिब्रेट किया। कई जगह पेड़ों पर झूले डाल महिलाओं ने पींग चढ़ाई।

कोरोना के चलते अछूते नहीं रहे त्योहार

फोटो पंजाब केपटियाला की है।काेराेना के चलते सारा सिस्टम बदल गया है। इससे त्योहारभी अछूते नहीं रहे हैं। बारादरी गार्डन में जिला प्रशासन हरियाली तीज मनाने काे मेला लगता है, इस साल मेले का आयाेजन नहीं कराया गया। ऐसे में लाेगाें ने घराें में तीज का त्याेहार मनाया।

बाइक को लकड़ी के सहारे उठाकर पार कररहे लोग

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली में गुरुवार को सुबह से जोरदार बारिश की वजह से कई नदी नाले उफान पर रहे। नानपुलाली के पास गुंजन नाला पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव था, जिसकी वजह से बाइक सवार भी पार करने में हिम्मत नहीं जुटा पाए। कुछ लोग बाइक को उठाकर पार करने में 20 रुपए लेकर मदद कर रहे थे। दोपहर 1 बजे से मार्ग पर आवाजाही बंद रही। शाम को पानी कुछ कम हुआ तो लोग पुल को पैदल पार करते रहे।

न मास्क न दूरी, ओवरफ्लो डैम को देखने उमड़ी भीड़

यह झारखंड के पलामू में सतबरवा का मलय डैम है जोलगातार हाे रही बारिश से ओवरफ्लाे हाे रहा है। पर बेपरवाह लाेगों को अपनी जान कीथोड़ी सी भी चिंतानहीं है। गुरुवार को डैम को देखने के लिए सैकड़ों लोग जुटे। युवाओं -बच्चाें ने जान से खिलवाड़ करते हुए डैम की धारा में फिसलकर मस्तीकी। इस दौरान न तो इन लोगों ने मास्क पहन रखा था और न हीं साेशलडिस्टेंसिंग का पालन किया।

नशे का इलाज कराने दो लाख लोग राेज लगते हैं कतार में

पंजाब के ओट (आउटपेसेंट ओपियाड असिस्टेड ट्रीटमेंट) सेंटर में प्रतिदिन दो लाख लोग लाइन लगाते हैं। इन लोगों को बुप्रेनॉर्फीन/नालोक्सोन की गोली दी जाती है, जो खतरनाक नशे का सब्सिट्यूट होता है। इससे धीरे-धीरे नशा छोड़ने में सहायता मिलती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कर्फ्यू और लॉकडाउन के दौरान पंजाब में 1.02 लाख लोगों ने हेरोइन (चिट्‌टा), पोस्त, स्मैक, नशीली गोलियां और कैप्सूलों से तौबा करते हुए ओट सेंटर में रजिस्ट्रेशन कराया है। यह लोग नियमित सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक लाइन में लगकर गोली ले रहे हैं। फोटोतरनतारन जिले के गांव भागपुर की है।

मिट्टी और घास पर ही तारकोल प्रीमिक्स डालकर बना दी सड़क

नगर निगम पंचकूला का इंजीनियरिंग विंग आए दिन नए-नए कारनामे करता रहता है। इस बार सेक्टर-26 में मिट्टी और घास पर ही तारकोल प्रीमिक्स डालकर सड़क बना दी गई। ऐसा कर सरासर पब्लिक की आंखों में मिट्‌टी डाली जा रही है। अफसर इतने लापरवाह हैं कि मौके पर जाकर चेक ही नहीं किया। पैसे की बर्बादी की जा रही है।

काेहरे की चादर से ढका शहर, ट्रेनों काे भी लाइट जलाकर गुजरना पड़ा

हरियाणा के सोनीपत मेंगुरुवार की सुबह लाेग जब बिस्तर से उठे ताे आसमान में घना काेहरा छाया था। लाेगाें काे यकीन ही नहीं हाे रहा था कि यह जुलाई का महीना है। सुबह 7 बजे दृश्यता मात्र 8 मीटर रही जिसके कारण ट्रेनों काे भी लाइट जलाकर गुजरना पड़ा। सड़क पर कुछ भी पास में ही नहीं दिखाई पड़ रहा था। यह सब एक दिन पहले हुई बरसात के कारण हुआ है। एक्सपर्ट की मानें ताे यह वाष्प के कारण हाेता है। लगातार बरसात हाेने के बाद अगली सुबह इस तरह की हाेती है। गरम जमीन पर लगातार बरसात हाेने के कारण वाष्पित हाेती है।



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Even the corona period could not reduce the glory of Teej, in Patiala, people celebrated festivals in homes instead of fairs.


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