सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। तभी उन्हें अचानक गुस्सा आया। वह अपने स्टाफ पर भड़क गए और बोले, ‘वकीलों को जानकारी देने के लिए बड़े और कलरफुल बोर्ड क्यों नहीं बनाते।’

दरअसल, सुनवाई के दौरान एक वकील सीजेआई के सामने पेश हुआ। लेकिन, वकील ने अपना ऑडियो म्यूट कर रखा था। वकील लगातार दलीलें दिए जा रहा था। लेकिन, सीजेआई सुन नहीं पा रहे थे। चीफ जस्टिस ने वकील से कई बार कहा कि अपना ऑडियो अनम्यूट करें, ताकि वे उसे सुन सकें। लेकिन, वकील ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

इस बीच सीजेआई ने अपने स्टाफ से कहा कि वे वकील को इस बारे में बताएं। इस दौरान स्टाफ ने सीजेआई के पास खड़े होकर कागज पर ‘प्लीज अनम्यूट योर ऑडियो’ का मैसेज वकील को दिखाया। लेकिन, वकील मैसेज भी नहीं पढ़ पाया और दलीलें देता रहा।

इस पर चीफ जस्टिस भड़क गए और उन्होंने अपने स्टाफ को फटकारना शुरू कर दिया। उन्होंने गुस्से में कहा, ‘तुम लोग बोर्ड क्यों नहीं बनाते? उसमेंं लिखे मैसेज को रंगों से भरो। बड़ा बोर्ड बनाओ, जो सबको दिखे। आज ही बनाओ। ये दोबारा नहीं होना चाहिए।’ इसके बाद चीफ जस्टिस ने संबंधित मामले की सुनवाई को बिना सुने ही टाल दिया।

कागज पर लिखकर वकीलों को बताते हैं कि क्या करना है

ऑनलाइन सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ द्वारा कागज पर लिखे संदेश पढ़कर वकील समझ जाते हैं कि उन्हें सुनवाई के दौरान क्या करना है। अगर किसी वकील का ऑडियो अनम्यूट कराना होता है तो उसे ‘अनम्यूट योर वीडियो’ का मैसेज दिखाया जाता है।



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ऑनलाइन सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के स्टाफ द्वारा कागज पर लिखे संदेश पढ़कर वकील समझ जाते हैं कि उन्हें सुनवाई के दौरान क्या करना है। -फाइल फोटो


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