दरिंदों ने नोंचा-खसोटा, थक गए तो बच्ची की सांस रुकने तक पत्थरों से सिर कुचलते रहे; अब 17 महीने बाद सीबीआई जांच के आदेश

12 साल की मासूम कनु अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन मां ने उससे जुड़ी हर एक चीज को संभाल कर रखा है। उसके स्कूल सर्टिफिकेट्स, फर्स्ट बर्थडे में पहनी गई फ्रॉक, उसके फोटोज की एलबम.. हर चीज संजोकर रखी है अपने हाथों से। वो कभी इन तस्वीरों को सीने से लगाकर चूमने लगती हैं, तो कभी फफक- फफककर रोने लगती हैं। कहती हैं, ‘इन चीजों की अब कोई जरूरत तो नहीं है। सबसे अनमोल चीज मेरी बच्ची थी, अब वही नहीं रही।’ लेकिन जीने का इकलौता सहारा भी तो उसकी यादें ही हैं, इसलिए संभाल कर रखा हैं।

कनु घर की दीवारों पर लगी तस्वीरों में आज भी खिलखिला रही है। उसके मां-पिता बेटी को देवी मानने लगे हैं। इसीलिए उसकी दो तस्वीरों को घर की छत पर एक कमरे में बने मंदिर के ऊपर लगाई गई हैं, जिन पर देवी की चुनरी ओढ़ाकर टीका किया गया है। मासूम के पिता सुधाकर उस कमरे में पहुंचे तो फफक पड़े। उनका गला रूंध गया और वह एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे थे। उन्होंने हाथ से बेटी की तस्वीर की तरफ इशारा किया। जितनी देर हम कमरे में रहे वो सिसकते रहे।

भोपाल के मनुआभान की टेकरी में 30 अप्रैल 2019 की शाम को दो दरिंदों ने मिलकर मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, उसे नोंचा-खसोटा और इसके बाद पत्थरों से सिर कुचल डाला, जब तक कि उसकी सांसों की डोर टूट नहीं गई। इसके बाद दरिंदों ने मासूम के खून से लथपथ शव को 100 फीट नीचे गहरी गुफा में झाड़ियों के बीच छिपा दिया था, जिससे शव को खोजा भी न जा सके।

इस दिल दहला देने वाली घटना के 17 महीने बाद भी माता-पिता को बेटी के लिए न्याय का इंतजार है। पुलिस की जांच पर सवाल उठाने वाले माता और पिता ने डेढ़ साल तक हिम्मत नहीं हारी। वह अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए दिन रात दौड़े, अन्याय के खिलाफ धरने पर बैठे, मुख्यमंत्री से मिले। बेटी के साथ दरिंदगी करने वालों को सजा दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग करते रहे। डेढ़ साल बाद सरकार जागी और 6 अक्टूबर को शिवराज सरकार ने गैंगरेप केस की जांच सीबीआई को सौंप दी।

मां ने उस बच्ची से जुड़ी हर चीज संभाल के रखा है। उसके पहले जन्मदिन से लेकर मौत से पहले तक के सभी कपड़े संभाल के रखा है।

हफ्ता भर गुजर चुका है, लेकिन अब तक सीबीआई की जांच शुरू नहीं हो सकी है। मासूम के परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराने से खुश हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी बच्ची को न्याय मिल सकेगा। हालांकि, अब तक मासूम के परिजनों को इस संबंध में राज्य सरकार और सीबीआई की तरफ से जांच शुरू होने की कोई सूचना नहीं मिली है। मासूम की मां ऊषा कहती हैं, ‘हमें पुलिस के अफसर समझाते थे कि जो हुआ, उसे भगवान की मर्जी मानकर भूल जाओ। देखो, गणेश विसर्जन में कितने लोगों की जान गई, अब उसमें किसे सजा दें।’

मां कहती हैं, ‘क्या बेटी पैदा करके हमने कोई गुनाह कर दिया है? कई बार लगा कि अब बचा ही क्या है, चलो हम भी आत्महत्या कर लेते हैं, लेकिन यह मेरी बेटी के साथ दूसरी बार नाइंसाफी होती। हमने संकल्प लिया है कि अपनी बेटी को जब तक न्याय नहीं दिला देंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन दरिंदों को सजा जरूर मिलनी चाहिए, जिन्होंने इस कुकृत्य के पहले जरा भी नहीं सोचा कि जिसे हम गुड़िया समझ कर तोड़ रहे हैं, कुचल रहे हैं, उससे कितनी जिंदगियां और जुड़ी होंगी।’

वो रोते हुए कहती हैं, ‘हम सिर्फ लड़ने के लिए जिंदा है। अब जीने की कोई आस बची नहीं है तो जब मरना ही तो है, जिसने मेरी बेटी के साथ गलत किया है, उसको सजा दिलाएंगे। उन दरिंदों को ऐसी सजा मिले कि अपराधियों के मन में खौफ हो कि अगर हम ऐसे करेंगे तो माता-पिता खड़े हो जाएंगे और कोई अपराधी बच नहीं पाएगा।’

कनु को याद करते हुए उसकी मां बताती हैं,'जब मैं उससे कहती थी कि बेटी पापा अस्पताल में हैं, तुम पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना। बोलती थी, नहीं मम्मा मुझे डॉक्टर नहीं बनना है। पापा जब किसी को इंजेक्शन लगाते हैं तो कितना दर्द होता होगा। सोचो, जो किसी को इंजेक्शन का दर्द नहीं देख सकती है, उस बच्ची के साथ कितनी दरिंदगी हुई, कितना दर्द सहा मेरी बच्ची ने।

फोटो एल्बम में 12 साल की बच्ची से जुड़ी तस्वीरें।

वो कहती थी कि आप लोग कभी बाहर नहीं गए न। मां आप दिन भर घर में लगी रहती हैं और आप अस्पताल में जाकर मेहनत करते हैं। मैं बहुत बड़ी बिजनेस वुमन बनूंगी। तुम्हें और पापा को विदेश घुमाऊंगी। इस बीच पिता बोले- शुगर रहता है और वह हाई रहता है। कभी-कभी लगता है, जहर पी लूं।”

रिकॉल- 12 साल की बच्ची का दुष्कर्म के बाद पत्थर से सिर कुचला था

30 अप्रैल को मनुआभान की टेकरी पर 12 साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। नाबालिग अपनी 16 साल की बुआ और उसके दोस्त अविनाश साहू के साथ टेकरी घूमने आई थी। वहां बुआ के दोस्त अविनाश और जस्टिन राज ने उसके साथ गैंगरेप किया। इसके बाद मासूम की हत्या कर शव 100 फीट नीचे गुफा में छिपा दिया था। पुलिस ने हत्या, दुष्कर्म के आरोप में बच्ची की बुआ के दोस्त को गिरफ्तार किया था।

8वीं में पढ़ने वाली बच्ची बुआ के साथ मनुआभान की टेकरी पर पहुंची थी। लेकिन, शाम करीब 5:30 बजे बालिका लापता हो गई थी। आसपास तलाश करने के बाद बुआ घर पहुंची और बालिका के मनुआभान की टेकरी से अचानक गुम होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और बालिका की काफी तलाश की। इसके बाद घटना की सूचना रात 8:30 बजे कोहेफिजा थाने में दी।

परिवार ने घर के मंदिर में बच्ची की तस्वीर रख दी है, वे उसकी पूजा करते हैं।

पुलिस ने परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर रातभर सर्चिंग की थी। बालिका के बारे में कुछ भी पता नहीं चला। उधर, पुलिस पूछताछ में पता चला था कि बच्ची की बुआ, भतीजी को करौंद में रहने वाले अपने दोस्त अविनाश साहू (18) के साथ लेकर टेकरी पर पहुंची थी। सर्चिंग के दौरान अविनाश भी मौजूद था। लेकिन, वह बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा था। पुलिस की सख्ती पर अविनाश ने जगह बता दी थी। पुलिस वहां पहुंची तो झाड़ियों से करीब 100 फीट नीचे बालिका का खून से लथपथ शव दिखाई दिया। उसका सिर बुरी तरह से पत्थर से कुचला हुआ था।

सीसीटीवी कैमरे से मिला था सुराग

बच्ची के लापता होने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने टेकरी पर ऊपर और आसपास की कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से काफी मदद मिली थी। पुलिस को सीसीटीवी में शाम 4 बजकर 6 मिनट पर स्कूटर से अविनाश के साथ बुआ और भतीजी टेकरी की तरफ जाते दिखे थे। इसके बाद शाम 6:30 बजे के बाद स्कूटर से सिर्फ बालिका की बुआ और अविनाश वापस लौटते दिखे थे।

आरोपी ने कहा था कि परिजनों को बता देती, इसलिए मार डाला

पुलिस पूछताछ में अविनाश ने बालिका के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने की बात कबूल कर ली थी। अविनाश ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म करने के बाद उसे इस बात का डर था कि वह परिजन को घटना के बारे में बता देगी। इसलिए उसने बालिका की हत्या कर शव खाई में फेंक दिया था।

(परिवार की पहचान छिपाने के लिए स्टोरी में सभी लोगों के नाम बदले गए हैं)



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Manuabhan Tekri (Bhopal) Gang Rape Murder Case; Order of CBI Investigation Now After 17 Months


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3jW7GBj
via IFTTT

Post a Comment

0 Comments